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जोधपुर में सर्वाधिक प्रसिद्ध, यहाँ का मारवाड़ उत्सव है। यह दो दिवसीय उत्सव प्रतिवर्ष अश्विन माह (सितम्बर और अक्टूबर के बीच) आयोजित किया जाता है, जो कि राजस्थान के शूर वीरों की याद में मनाया जाता है। असल में इस उत्सव का नाम पहले “मांड उत्सव” था। इस उत्सव का प्रमुख आकर्षण, राजस्थान के शासकों की रोमांटिक (प्रणय गाथा) और शौर्य गाथाओं पर केन्द्रित होता है। इस उत्सव का प्रसंग तथा विषयवस्तु मारवाड़ क्षेत्र का संगीत और नृत्य होता है। इस उत्सव में लोक कलाकार और गायक एक जगह इकट्ठा होते हैं तथा इस जीवन्त मनोरंजन की प्रस्तुति देते हैं। इन लोक कलाकारों के गीत आपको यहाँ के शाही योद्धाओं और शूरवीरों द्वारा लड़े गए युद्धों और पराक्रमों की जीवन्त झलक दिखलाते हैं। इस उत्सव के अन्य आकर्षणों में कैमल टैटू शो (ऊँट के बालों की डिजायनदार कटाई) तथा विभिन्न प्रतियोगिताएं जैसे मूंछ (लम्बी, घनी व स्टाइलिश मूंछो की) प्रतियोगिता, पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता, रस्साकशी, मटका दौड़, पारम्परिक पोशाक प्रतियोगिता तथा और भी कई आकर्षक प्रतियोगिताएं यहाँ आयोजित की जाती है। इस उत्सव के दौरान प्रसिद्ध घन्टा घर और ओसियां में रेत के धोरों पर भी प्रदर्शन किए जाते हैं।
सूर्य आराधना,जयपोल, मेहरानगढ़ फोर्ट , 6:15 प्रातः
हेरिटेज वाक : जय पोल से क्लॉक टावर , 6:50 प्रातः
सेरेमोनियल जुलूस: क्लॉक टॉवर से सरकारी उमैद स्टेडियम
8:15 पूर्वाह्न से 8:45 पूर्वाह्न
प्रतियोगिताओं
मूंछें प्रतियोगिता, पगड़ी टाईंग, मारवार श्री,
टग ऑफ वॉर, मटका रेस, मेहंदी-मंडाना
बीएसएफ द्वारा ऊंट टैटू शो
और बैंड प्रतियोगिताओं
8:30 पूर्वाह्न से 11:00 बजे तक
सरकारी उमैद स्टेडियम, जोधपुर
सांस्कृतिक रात
घूमर और लोक कलाकारों के अन्य प्रदर्शन
5:30 अपराह्न से 8:30 बजे तक
मंडोर गार्डन, जोधपुर
सांस्कृतिक कारवां
गायत्री मंदिर, शिव मंदिर, गांव ओसियां, 8:00 बजे
रामीण खेल गतिविधियों
और ऊंट की सवारी
3:15 अपराह्न से शाम 6:15 बजे
दीपोत्सव
गायत्री मंदिर, गांव ओसियां ,6:30 अपराह्न
सांस्कृतिक रात
लोक कलाकारों का प्रदर्शन
ओसियां गांव के रेगिस्तान में, जोधपुर
6:30 अपराह्न से 8:30 बजे तक